Thu Dec 8 7:29:22

विट्स स्कूल& सेनानी की बेइमानी पर डीईओ-बीआरसी की मनमानी
 5 लाख में डीईओ बीआरसी ने दी फर्जी स्कूल चलाने की छूट
सतना (मारुति एक्सप्रेस)।
शिक्षा के नाम पर स्कूल की फर्जी दुकान चलाने वाली संचालिका सिद्धा  सेनानी और संरक्षक सुनील सेनानी द्वारा बिना मान्यता के ही अपनी स्कूल खोल कर लोगों को अंधकार में रखा जा रहा है ।  हाईटेक शिक्षा के नाम पर पैसों की बेजा वसूली की जा रही है और अब जब इस फर्जी स्कूल की पोल खुली तो प्रबंधक अभिभावकों से बचने के लिए संस्थान से अकसर नदारद रहता है। मारूति एक्सप्रेस ने प्रबंधक सेनानी से मुलाकात कर हकीकत जानने की कोशिश की , मगर फर्जीवाड़़ा व अधिकारियों की मु_ी गर्म कर स्कूल चलाने वाला सेनानी मीडिया के सामने आने से कतराता रहा। सेनानी तो कतराते रहे लेकिन अपने बचाव के लिए प्रशासक आनंद ज्योति को आगे कर दिया।  उधर शैक्षणिक स्टाफ अब भी छात्रों और अभिभावकों को झूठा दिलासा दे रहा है कि  संस्था  मान्यताप्राप्त  है जबकि किसी भी शिक्षा विभाग के कार्यालय में इसकी मान्यता की जानकारी यहां तक की स्कूल का डाइसकोड तक इसके पास नहीं, लेकिन इस फर्जी संस्था को चलाने की छूट डीईओ और बीआरसी सोहावल द्वारा दी गई ऐसा विभागीय लोगों का कहना है। बिना इनके संरक्षण के सेनानी की फर्जी स्कूल नहीं चला सकता, क्योंकि गली मोहल्लों की शिक्षा स्कूलों की जानकारी रखने वाले डीईओ बीआरसी की नजर इस पर न पड़े यह तो सवाल ही नहीं बनता है।
सौदेबाजी की बाजीगरी से खुला स्कूल
सिध्या सेनानी जो कि संचालिका है और सुनील सेनानी के संरक्षण में यह बिना मान्यता की संस्था का व्यापार चला रहा है। यह शिक्षा विभाग में सौदेबाजी की बाजीगरी से चल रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो बीआरसी सोहावल और डीईओ ने इस संस्था से लम्बे सौदेबाजी करके बाजीगरी को अंजाम दिया और अब जिला प्रशासन को गुमराह करने की तैयारी में डीईओ और बीआरसी सेटिंग कर रहे हैं। क्योंकि फर्जीवाड़े की मान्यता डीईओ आफिस से ही तैयार होगी और उसका सूत्रधार बीआरसी सोहावल खाका तैयार कर रहे हैं। 
सेटिंग करने में लगे सेनानी के दलाल
शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन और छात्र अभिभावकों इस फर्जी स्कूल चलाने वाली सिध्या सेनानी की संस्था की पोल खुलते ही अब वह विभागीय डीईओ बीआरसी से सौदेबाजी कर जिला प्रशासन से सेटिंग करने में उनके दलाल जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है। विश्वस सूत्रों की माने तो कानूनी कार्यवाही से बनने जिला प्रशासन पर दबाव की राजनीति भी करने में लगा है। लेकिन जिला प्रशासन सेटिंग करेगा या फिर फर्जी संस्था के संचालक सिध्या सेनानी और संरक्षक सुनील सेनानी और डीईओ बीआरसी पर कार्यवाही करेगा।
छात्रों के चौपट हो रहे भविष्य का जिम्मेदार कौन
विट्स कालेज में छात्रवृत्ति  व कैंपस सलेक्शन घोटाले के शिकार बने छात्रों की मानें तो विट्स कालेज प्रबंधन शैक्षणिक स्टाफ के टोटे के बीच पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। अब कालेज परिसर में ही नियमविरूद्ध विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया है। मोटी फीस वसूलकर जिस प्रकार से विट्स कालेज प्रबंधन छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, उससे जिले की प्रशासनिक मशीनरी सवालों के घेरे में आ गई है। बिना डायस कोड के संचालित हो रहे इस विद्यालय को जिस तरह से अधिकारियों ने अभयादान दे रखा है उससे विट्स प्रबंधन की उस बात की पुष्टि होती है, जिसमें प्रबंधन अकसर यह दावा करता रहा है कि अधिकारी उनके गिरेबान में हाथ नहीं डाल सकते हैं, क्योंकि वे सेट हैं। हैरानी की बात है कि छात्र -छात्राओं के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ से जनप्रतिनिधि और वे छात्र संगठन भी चुप्पी साधे हुए हैं जो छात्रों के हित के नाम पर अपनी नेतागिरी चमकाते रहे हैं। 
मानवीय क्रूरता का शिकार बन रहे शेर
वनों के सबसे बड़े रक्षक शेर की जान मध्यप्रदेश में सांसत में है। अपने स्वार्थ के लिए जंगल को नेस्तनाबूद करने से शेरों के प्राकृतिक आवास खतरे में हैं और वे आब ादी की ओर प्रवेश कर मानवीय क्रूरता का शिकार बन रहे हैं।कभी बाघों की संख्या के मामले में देश में पहले स्थान पर रहने वाले मध्यप्रदेश में शेरों की सुरक्षा का रिकार्ड बेहद  निराशाजनक है। यदि ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब शेर केवल किताबों में नजर आएंगे और जंगलों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शेर की मौजूदगी न केवल जंगल को सुरक्षित रखती है , बल्कि वनों के पारिस्थिकीय तंत्र के संतुलन के लिए भी  बेहद आवश्यक है। 
   यहां इस साल अब तक 21 बाघों की मौत हो चुकी हैं।  राज्य के वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने विगत माह विधानसभा में जानकारी दी थी कि पिछले डेढ़ साल में 34 बाघों की मौत हुई है।  बाघों की मौत को लेकर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी यानी एनटीसीए मध्यप्रदेश सहित 4 राज्यों से रिपोर्ट मांगी है। बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा संकट शिकारी तस्कर तो हैं ही साथ ही सिकुड़ते जंगल सबसे बड़ा कारण हैं। . इस साल देश में  जिन 100 बाघों की मौत हुई है उनमे से 36 बाघों का जीवन शिकारियों ने खत्म किया है। स्पष्ट है कि शेरों की अधिकांश मौतें(64 फीसदी) अव्यवस्था से हुई हैं। वल्र्ड वाइल्डलाइफ फंड की इस ताजा रिपोर्ट के अनुसार उन बाघों का शिकार अधिक हो रहा है जिन्हें टाइगर फाम्र्स  में पाला जाता है। तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अधिक कारगर नहीं हो पाई है।  बाघ के शिकार के अपराध में दोष साबित होने की दर बहुत कम है जबकि ऐसे मामलों में गुप्तचर सूचनाओं की संख्या ना के बराबर होती है, इसमें सुधार के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करनी होगी. तस्करी के खिलाफ जंगल के आस पास रहने वाले लोग कारगर हो सकते हैं।  खासतौर पर टाइगर पार्क के आस पास रहने वाले लोगों को संरक्षण योजना में शामिल करके तस्करों पर लगाम कसी जा सकती है।  तस्करों और सिकुड़ते जंगलों की वजह से बाघों के सामने अपना अस्तित्व बचाने की चुनौती बनी हुई है. राष्ट्रीय पशु और जंगल का राजा कहलाने वाले ये बाघ, इस साल जीवन संघर्ष की लड़ाई में बाजी हारते हुए नजर आ रहे हैं।  
मारूति  तत्काल
राजेश द्विवेदी
रेल ट्रैक पर बनी जंगल के राजा की समाधि
मझगवां-चितहरा रेल खण्ड के बीच कटा शेर
सतना (मारुति एक्सप्रेस)। लगातार शिकार व हादसों से मारे जाने के कारण दुर्लभ वन्य प्राणियों की श्रेणी में शुमार हो रहे शेर की सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात मझगवां-चितहरा रेलखण्ड के बीच समाधि बन गयी। बीती रात किसी अज्ञात ट्रेन की ठोकर से शेर ने ट्रैक पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेलवे ट्रैक से शेर के शव को उठाया। मृत शेर को पीएम के लिये सतना लाया गया है। 
महाकौशल एक्सप्रेस के चालक ने दी थी सूचना
सूत्रों के अनुसार बीती रात मझगवां स्टेशन के आउटर  पर रेलवे ट्रेक में शेर देखने की जानकारी महाकौशल एक्सप्रेस के चालक ने मझगवां स्टेशन मास्टर को दी। मझगवां स्टेशन मास्टर ने रेलवे के आला अधिकारियों के साथ-साथ इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को भी दी। मगर शेर जैसे दुर्लभ वन्य प्राणी के ट्रैक पर होने की सूचना के बावजूद वन विभाग के अधिकारियों ने सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन मझगवां-चितहरा स्टेशन के बीच रेलवे लाइन के किनारे स्थित शासकीय प्राथमिक पाठशाला गहिरा के निकट रेलवे के माइलो मीटर क्रमांक 12174 पर किसी अज्ञात ट्रेन की चपेट में शेर आकर काल कवलित हो गया। 
दो चिकित्सकों की टीम करेगी पीएम
रेलवे लाइन में शेर के कटने की सूचना मिलने के बाद शेर के मृत शरीर को सतना लाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शेर के पीएम के लिये दो चिकित्सकों का दल तैनात किया गया है जो पीएम कर यह पता लगायेगा कि शेर की मौत क्या वास्तव में ट्रेन की ठोकर से हुई है अथवा किसी शिकारी के कारनामे का नतीजा है।
और ट्रैक पर उमड़ी भीड़
मझगवां स्टेशन के आउटर पर घटना की सूचना मिलते ही मझगवां-चितहरा समेत आसपास के गांव के लोग जंगल के राजा का दीदार करने रेल ट्रैक की ओर दौड़ पड़े। तमाशबीनों की भीड़ ट्रैक से तभी हटी जब वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर शेर के मृत शरीर को उठाया और पीएम के लिये सतना ले आये। 
जंगल में शेर न होने का दावा करते 
रहे अधिकारी
वन विभाग की गणना में जिले में शेर की मौजूदगी को नकारा जाता रहा है। वन विभाग के अधिकारी दावा करते रहे हैं कि मझगवां व चित्रकूट क्षेत्र में किसी शेर के मौजूद होने के प्रमाण नहीं हैं, लेकिन मझगवां स्टेशन के आउटर के निकट जंगल के राजा शेर ने अपनी आहुति देकर सिद्ध कर दिया कि जिले के जंगल में शेर मौजूद हैं। हालांकि घटना के बाद वन संरक्षक आरबी शर्मा ने संभावना जताई कि संभवत: शेर पन्ना टाईगर रिजर्व से भटकता हुआ जिले के वन परिक्षेत्र में घुसा था। 

ञ्च मझगवां स्टेशन के आउटर पर अज्ञात ट्रेन से शेर कट गया है, जिसका पीएम कराया जा रहा है। शेर कहां से आया, फिलहाल यह तो स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन संभावना है कि शेर पन्ना टाईगर रिजर्व से भटकता हुआ पहुंचा और रेल ट्रैक पर ट्रेन का शिकार बन गया। 
आरबी शर्मा, वन संरक्षक, सतना

सिटी के आसपास घूम रहे 3 बाघ और 1 बाघिन,फारेस्ट ने बढ़ाई गश्त
भोपाल : राजधानी के आसपास मौसम बदलने के साथ ही तीन बाघ और एक बाघिन का मूवमेंट बढ़ गया है। इसलिए वन विभाग ने अब गश्ती दल को पटाखों के साथ मैदान में उतारा है। बाघ के दिखने पर यह पटाखे उसको भगाने में मददगार साबित होते हैं। यह बात गश्ती दल के मूवमेंट के बाद उजागर हुई है। बाघों के जंगल से बाहर निकलने की यह एक बड़ी उनके इलाकों में मानवीय बसाहट सामने आयी है। अब बाघ आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास जानवरों का शिकार कर रहे हैं। 15 दिनों में दो दर्जन जानवरों का शिकार हो चुका है। बाघों के जंगल से बाहर पर लोगों में दहशत है। वन विभाग के डीएफओ भोपाल एसपी तिवारी का कहना है कि यह बात सच है कि जंगल की जमीन पर बसाहट बढऩे से  वहां पर मवेशियों का मूवमेंट बढ़ा है जिसने बाघों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
जंगलों में जाने पर पाबंदी
वन विभाग ने अब कलियासोत से लेकर केरवा और मेंडोरा के जंगलों का एरिया चिन्हित कर लिया है। जिस एरिया में बाघों का मूवमेंट बढ़ रहा है वहां पर पटाखों और अन्य संसाधनों से उनको वापस जंगल की ओर खदेडऩे का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा जंगलों में जाने वालों पर पाबंदी लगायी गयी है।
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पत्नी के साथ घर में अकेला था युवक, पति ने मार दी गोली
कमला नगर इलाके में मर्डर से फैली सनसनी
भोपाल : कमला नगर इलाके में अवैध संबंध के शक में पति ने पत्नी के साथ घर में मौजूद युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने इस मामले में पति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सिक्युरिटी गार्ड रामजीलाल तिवारी ईडब्ल्यूएस-722, कोटरा सुल्तानाबाद में किराए से रहता है। यह मकान जगन्नाथ नामक एक व्यक्ति का है। करीब एक महीने पहले ही सिक्युरिटी गार्ड ने मकान किराए पर लिया था। एएसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि दोनों पति पत्नी बयान लिए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में सामने आ रहा है कि अवैध संबंध के शक में पति ने उसे गोली मारी है।
इधर पत्नी ने कहा कर रहा था दुष्कर्म की कोशिश
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी युवक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि मृतक युवक उसके साथ ज्यादती करने की नियत से घर में घुसा था। इस दौरान उसने अपने पति को फोन कर दिया और पति ने आते ही उस पर फायर कर दिया।
घटना के समय नग्न अवस्था में मिला था शव
मृतक शास्त्री राम अम्बेडकर नगर में रहता है। घटना के समय वह पुलिस को नग्न अवस्था में मिला। पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पड़ताल चल ही है।
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जांच शुरू होने से पहले गायब हुए पुलिस की गोलियों के खोखे
भोपाल- सिमी आतंकी एनकाउंटर
भोपाल : भोपाल सेंट्रल जेल ब्रेक के बाद सिमी आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर चल रही माथाच्ची खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पहले न्यायिक जांच में एक महीने का विलंब और अब पुलिस की गोलियों के खोखे गायब होने की खबर है। पता चला है कि पुलिस की गोलियों के 8 से 10 खोखे गायब हो गए हैं। ये उन कारतूसों के खाली खोखे हैं, जो आतंकियों पर चलाए गए थे। ये बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिसकर्मियों की बंदूक के खोखे गुम होने को लेकर मामला अब उलझता जा रहा है। इस मामले को भोपाल पुलिस के अफसरों ने बोलने से इंकार कर दिया है।
पुलिस की बड़ी लापरवाही
पुलिस की बुलेट के यह खोके भोपाल पुलिस की लापरवाही से गायब हुए हैं। एनकाउंटर होने के बाद पुलिस ने उस क्षेत्र को सील नहीं किया था। जिसकी वजह से कोई भी व्यक्ति एनकाउंटर के स्पॉट तक आसानी से पहुंच रहा था। ऐसे में पुलिस की बुलेट के खोके कहां गायब हो गए, इसका सवाल भोपाल पुलिस के किसी भी आला अधिकारी के पास नहीं है।
46 फायर किए थे पुलिस ने
सूत्रों की माने तो आठों सिमी आतंकियों पर करीब 46 राउंड फायर किए गए थे। करीब आधे घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद आतंकियों का खात्मा हो सका था। एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों के हथियार भी जांच टीम ने जब्त कर लिए थे।
लीपापोती की तैयारी कारतूस के खोखे गुमने
का खुलासा होते ही पुलिस गुम हुए खोकों को लेकर विवेचना में गायब बताने की तैयारी कर रही है।
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कहां है अटल ज्योति, बिजली के लिए हाहाकार: संजय
भोपाल। विधायक संजय शर्मा ने प्रश्नोत्तर काल के दौरान बिजली की समस्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि रायसेन जिले में कई तहसीलों में बिजली के लिए हाहाकार मचा है। अफसर कुछ सुन नहीं रहे हैं। अटल ज्योति से लाइट नहीं मिल रही है। तार चोरी हो रहे हैं और बिजली खंबो से नीचे लटक रहे हैं। ट्रांसफार्मर बदलने के मामले में कोई कार्यवाही समय पर नहीं हो रही है। इससे किसान और जनता परेशान और बेहाल हैं। इस पर अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री पारस जैन से कहा कि मंत्री जी इसे दिखवाएं। मंत्री जैन ने कहा कि इस मामले में ठेकेदार पर एफआईआर कराएंगे, जिस पर विधायक शर्मा ने कहा कि एफआईआर तो वे भी करा चुके हैं। मंत्री जैन ने आश्वस्त किया कि जैसी कार्यवाही चाहते हैं वैसी की जाएगी। ठेकेदार के 12 करोड़ रुपए राजसात कराने की कार्यवाही भी करेंगे। लोगों को समय पर बिजली मिलने के लिए अधिकारियों को ताकीद किया जाएगा। विधायक संजय शर्मा ने रायसेन जिले के अविद्युतीकृत ग्रामों की सूची भी मंत्री से मांगी। साथ ही फीडर सेपरेशन और राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में कराए गए कामों की जानकारी शासन से मांगी थी। साथ ही 10 नवम्बर को एक साथ गई गांवों की बिजली गुल होने के मामले में भी मंत्री से जानकारी चाही थी जिसके बाद मंत्री ने कहा कि यहां विद्युतीकरण किया जा रहा है। 45 गांवों के 76 फेल ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्ताओं द्वारा बिल की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उन्हें बदला नहीं जा सका है। इस कारण बिजली गुल हुई है।
बीजेपी विधायक बोले,भ्रष्ट अफसरों पर तत्काल कार्रवाई हो
भाजपा विधायक आरडी प्रजापति ने आज लोकायुक्त पुलिस द्वारा रिश्वत लेते पकड़ गए अधिकारियों पर कार्रवाई से जुड़ा सवाल उठाते हुए सदन में मांग की कि सरकर इस बात को सुनिश्चित करे कि भ्रष्ट अफसरों पर तत्काल कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई बार कार्रवाई में होने वाले विलंब से ऐसे अधिकारी बचे रहते हैं। मंत्री लाल सिंह आर्य ने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने वाले अधिकारी को तीन दिन के भीतर वहां से हटा दिया जाता है। विवेचना के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने पर उसे निलंबित किया जाता है। न्यायालय से दोषसिद्ध होने पर उसकी सेवा से बर्खास्तगी का प्रावधान है।
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एमएलए ने उठाए सवाल, सीएम-सीएस को लिखे पत्रों पर क्या की कार्रवाई
किसी ने जांच के बारे में जानना चाहा तो कोई जवाब नहीं मिलने पर खफा
भोपाल : विधायकों द्वारा विभागों को लिखे जा रहे पत्रों पर कार्यवाही नहीं होना और मुख्यमंत्री व मुख्यसचिव से की गई शिकायत पर गौर नहीं होने को लेकर एकबार फिर विधानसभा में प्रश्न किये गये। किसी ने जांच के बारे में जानना चाहा है तो कोई समय पर उत्तर नहीं मिलने पर नाराज है। कांग्रेस विधायक महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा ने बाबूलाल यादव के शासकीय भूमि पर कब्जों व अन्य शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी जानना चाही। उन्होंने इस बात का भी हवाला दिया कि पिछले विधानसभा के दौरान आश्वस्त किया गया था कि जांच कराई जायेगी। विधायक ने हर पत्र और जांच पर प्रगति जानना चाही है। कालूखेड़ा ने एक अन्य प्रश्न में मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को लिखे गये पत्रों का विवरण मांगा है। विधायक के दोनों प्रश्नों के लिखित उत्तर में जानकारी एकत्र करने की बात कही गई है। विधायक घनश्याम पिरौनियां ने जनवरी 2014 से अक्टूबर 2014 तक दतिया जिले के विधायकों द्वारा कलेक्टर को लिखे गये पत्रों की जानकारी मांगी। उन्होंने पत्रों पर हुई कार्रवाई का विवरण भी जानना चाहा। उन्होंने यह पूछते हुए नाराजगी जताई है कि पत्रों के बारे में विधायकों को अवगत नहीं कराया गया तो क्यों? पिरौनियां को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखित में उत्तर दिया है कि विधायकों को उनके पत्रों पर हुई कार्यवाही की जानकारी दी गई है। विधायक संदीप जायसवाल, सुंदरलाल तिवारी और हर्ष यादव ने भी पत्रों पर की गई कार्यवाही को लेकर विधानसभा में प्रश्न किये हैं।
मंत्रीजी हाउस को मजाक न बनाएं- रावत
प्रश्नोत्तर काल शुरू होने पर कांग्रेस विधायक गोविन्द सिंह की मौजूदगी में रामनिवास रावत ने सवाल किया और कहा कि जो सवाल किया गया है, उसका जवाब नहीं दिया गया है।  न ही किसी पत्र का उल्लेख है। जवाब कैसे दिया गया, यह समझ में नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में जीएडी राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि जवाब सही है। इस पर विधायक रावत ने कहा कि पूरा उत्तर देखें, जिस तरह से उत्तर दिया है, वह ठीक नहीं। मंत्रीजी हाउस को मजाक न बनाएं। मंत्री आर्य ने कहा कि हास्यास्पद बनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। आपके समय ऐसा होता होगा। इस पर रावत बोले कि अध्यक्ष जी मंत्री से कोई उम्मीद नहीं है अध्यक्षजी, अब आप ही कुछ कहें। इसके बाद अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि उत्तर स्पष्ट नहीं है। इसलिए जो सवाल है, उसके संबंध में इसमें पत्र भी लगाएं। इस बीच विधायक आरिफ अकील ने कहा कि विधायकों के पत्रों का उत्तर समय सीमा में देने के निर्देश दें। सोहनलाल बाल्मीक ने कहा कि प्रभारी मंत्री भी पत्रों का जवाब नहीं देते। एक अन्य सवाल विधायक उमादेवी खटिक ने उठाते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर लगाने की समय सीमा तय हो। इसका विधायक रामनिवास रावत, जीतू पटवारी, मुनमुन राय, मुकेश नायक व अन्य ने समर्थन किया। इस बीच अध्यक्ष दूसरा सवाल पढऩे लगे और बाकी बातों को कार्यवाही से विलोपित करने के लिए कहा। यह देख हास परिहास शुरू हो गया। मंत्री गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि मौका दें कुछ, संभावना नजर आ रही है।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहा गेमन
शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के रामकिशोर दोगने ने गेमन इंडिया पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गेमन इंडिया सरकारी जमीन पर सुनियोजित तरीके से अतिक्रमण कर रहा है। इसके कर्मचारी पहले सरकारी जमीन पर मलबा जमा करते हैं और इसके बाद इस पर कब्जा कर लेते हैं।
अगले सत्र से पहले शून्यकाल में उठे मुद्दों के जवाब दिए जाएंगे
शून्यकाल के दौरान विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि सत्र से पहले शून्यकाल के जवाब देने की व्यवस्था होनी चाहिए। बजट सत्र के दौरान शून्यकाल के दौरान जो मामले उठाए गए थे, उनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। इस पर अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा से कहा कि मंत्री जी, शून्यकाल के सभी प्रश्नों के उत्तर अगले सत्र के शुरू होने से पहले विधायकों के पास पहुंच जाएं, इसकी व्यवस्था हो। और अधिकारियों को निर्देशित करें। मंत्री मिश्रा ने इस पर अमल के लिए आश्वस्त किया।
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एसीएस जुलानिया के खिलाफ एफआईआर कराएंगे एआईएस थेटे
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रमेश थेटे ने कहा है कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार के विरोध में तथा विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया द्वारा सचिव की हैसियत काम नहीं सौंपे जाने के विरोध में आजाक थाने में एफआईआर कराई जाएगी। इसको लेकर डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आज एक रैली निकालकर सेकेंड स्टाप पर सभा की गई और इसके बाद सभी एकजुट होकर थाने में एफआईआर कराने जाएंगे।
एसीएस जुलानिया से नाराज आईएएस अधिकारी थेटे ने कहा कि जुलानिया ने उनके अधिकार छीन लिए हैं। प्रदेश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं जिस पर कार्रवाई अधिकारी नहीं करते। आईएएस डॉ. शशि कर्णावत के निलंबन से बहाली के लिए सीएम के आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके लिए उनके द्वारा विधायकों को भी पत्र लिखा गया है और वे शिकायत करेंगे।
धरना देना उचित नहीं गरिमा का ध्यान रखें
गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि धरना देना या कोई अन्य प्रक्रिया उचित नहीं है। अपनी बात उचित फोरम पर रखनी चाहिए। आईएएस का पद गरिमामय होता है, इसका ध्यान रखना चाहिए। जीएडी राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि किसी भी अधिकारी को अन्य अधिकारी के विरुद्ध सीधे टिप्पणी से बचना चाहिए। अगर शिकायत है तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए।
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पोषण आहार सप्लाई में घोटाला नहीं-अर्चना चिटनिस
भोपाल। ब्यूरो। सरकार की नजर में पोषण आहार सप्लाई में कोई घोटाला नहीं हुआ है। मंगलवार को विस में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने बताया कि पूरक पोषण आहार में किसी प्रकार का कोई घोटाला नहीं हुआ। पोषण आहार वितरण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ आयकर विभाग ने छापे मारे, इसकी जानकारी आयकर विभाग ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नहीं दी। सीएम ने श्वेतपत्र जारी करने की घोषणा पोषण आहार वितरण की अनियमितताओं को लेकर नहीं बल्कि कुपोषण की स्थिति बताने के लिए की गई है। विस में पोषण आहार वितरण को लेकर कांग्रेस के बाला बच्चन, रामनिवास रावत और आरिफ अकील ने सवाल लगाए।
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